Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
Pregnancy के आठवें महीने में ये सावधानियां बरतेंगीं तो सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहेगा बचà¥â€à¤šà¤¾
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी का आठवां महीना यानि शिशॠके जनà¥â€à¤® के अब बस कà¥à¤› ही दिन बाकी बचे हैं और इसलिठअब आपको पहले से à¤à¥€ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सावधान रहना है।
वैसे तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के पूरे नौ महीने महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होते हैं लेकिन आखिरी महीनों में बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सावधानी बरतने की जरूरत होती है। आठवां महीना बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होता है इसलिठइस समय आपको विशेष सावधानियां बरतनी चाहिà¤à¥¤
अपनी पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के आठवें महीने में आप अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में हैं। इस समय बचà¥â€à¤šà¥‡ का आकार à¤à¤¸à¤¾ है कि उसने आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को घेर रखा है इसलिठवह अब पहले की तरह आपके पेट में उछलकूद नहीं कर सकता। अब उसके करवट लेने या हाथ-पैरों को हिलाने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ की गतिविधियां होती रहेंगी। अब आपको उसके मूवमेंट पर पूरा धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है। इनमें कमी या तेजी होते ही अपने डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कीजिà¤à¥¤
इस महीने आपको और कौन सी सावधानियां बरतनी हैं आइठउन पर कà¥à¤› चरà¥à¤šà¤¾ कर ली जाà¤:
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में हंसने से मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों को मिलते हैं अनगिनत फायदे
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स के कारण पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला को अचानक दà¥à¤– और डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ महसूस हो सकता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में दवाओं का सेवन कम से कम करना चाहिà¤à¥¤ इसकी बजाय आप कॉमेडी और मजाकिया शोज देखकर या चà¥à¤Ÿà¤•à¥à¤²à¥‡ सà¥à¤¨à¤•र हंस सकती हैं। इससे मूड à¤à¥€ ठीक रहता है और धीरे-धीरे डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ कमी आती है।
जब à¤à¥€ आप अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के लिठजाती हैं तो जरा हंसकर देखें कि आपका शिशॠकैसी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है। जब मां पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में खà¥à¤¶ और उतà¥â€à¤¸à¤¾à¤¹ से परिपूरà¥à¤£ रहती है तो बचà¥â€à¤šà¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहता है और उसका विकास à¤à¥€ बेहतर होता है।
à¤à¤¸à¥‡ कई कारक हैं जो पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° डिलीवरी का कारण बनते हैं और जब मां की इमà¥â€à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ कमजोर हो तो इसका खतरा और बढ़ जाता है। इमà¥â€à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ कमजोर होने पर वायरस, बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आदि आसानी से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं और इसका बà¥à¤°à¤¾ असर मां à¤à¤µà¤‚ बचà¥â€à¤šà¥‡ दोनों पर पड़ता है।
इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ से मां से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शिशॠको नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चने का खतरा रहता है। इसकी वजह से बचà¥â€à¤šà¥‡ का नौ महीने से पहले जनà¥â€à¤® या कोई जनà¥â€à¤® विकार हो सकता है।
अगर आप इंटेलेजेंट बचà¥â€à¤šà¤¾ चाहती हैं तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में वो सब काम करें जिससे शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• के विकास में मदद कर सके। डायट के अलावा मां का खà¥à¤¶ रहना à¤à¥€ शिशॠके विकास के लिठजरूरी होता है। इससे गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠके मूवमेंट पर तो असर पड़ता ही है साथ ही दिमाग की कोशिकाओं का à¤à¥€ विकास होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस, कमर दरà¥à¤¦, à¤à¤‚ठन, पैरों में सूजन और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में सिरदरà¥à¤¦ होता है। हंसने से आपका धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ दरà¥à¤¦ से हटता है और शरीर में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ केमिकल रिलीज होते हैं जो नैचà¥à¤°à¤² पेन किलर यानी दरà¥à¤¦ निवारक का काम करते हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरनाक होता है और इससे जलà¥â€à¤¦à¥€ पà¥à¤°à¥€-कà¥â€à¤²à¥ˆà¤‚पà¥â€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤µà¤‚ कई तरह की समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° डिलीवरी à¤à¥€ हो सकती है या फिर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बिगड़ने पर सिजेरियन डिलीवरी करवाने की जरूरत पड़ सकती है। खà¥à¤¶ रह कर और रोज हंसने से तनाव में कमी आती है जिससे बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में और शरीर सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहता है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि हंसने से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट मां की इमà¥â€à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ बढ़ती है। हंसने से शरीर में तनाव कम होता है जिससे इमà¥â€à¤¯à¥à¤¨ सिसà¥â€à¤Ÿà¤® को सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रखने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स और केमिकलà¥â€à¤¸ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हो जाते हैं। इस तरह आप किसी सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट या दवा के बिना ही हंसकर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और बीमारियों से दूर रह सकती हैं।
देर तक खड़े न रहें
यह आठवें महीने की सबसे अहम सावधानी है। जैसे-जैसे बचà¥â€à¤šà¥‡ का वजन बढ़ता है आपके पेट और पेडू के इलाके में दबाव बढ़ता जाता है। अपने को à¤à¥à¤•ने से बचाने के लिठआप पीछे की ओर à¤à¥à¤•ती हैं। इससे आपकी पीठमें काफी दरà¥à¤¦ होता है। इसलिठअपनी पीठके दरà¥à¤¦ को धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ में रखकर इस समय जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक खड़े होने वाले काम न कीजिà¤à¥¤
पूरी नींद लें
इस समय बेहद जरूरी है कि आप कम से कम रात में आठघंटे की नींद लें। इसके अलावा दिन में à¤à¥€ कà¥à¤› देर आराम अवशà¥â€à¤¯ करें।
तनाव से दूर रहें
इस समय तनाव करने से बचà¥â€à¤šà¥‡ के ऊपर à¤à¥€ उसका असर पड़ता है। इसलिठतनाव से दूर रहें।
पीठके बल न लेटें
आप अपनी पीठके बल न लेटें। इस समय आपका वजन बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ गया है। पीठके बल लेटना आपके लिठà¤à¥€ असहज होगा और बचà¥â€à¤šà¥‡ के लिठà¤à¥€à¥¤
कई बार थोड़ा-थोड़ा खाà¤à¤‚
à¤à¤• बार में ही à¤à¤°à¤ªà¥‡à¤Ÿ खाने की जगह आप थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में कई बार खाà¤à¤‚। इससे à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ नहीं होगी।
वॉक पर जरूर जाà¤à¤‚
सà¥à¤¬à¤¹-शाम आधे घंटे घूमने से शरीर में रकà¥â€à¤¤ संचार ठीक रहेगा। इसके अलावा मनोदशा à¤à¥€ सà¥à¤–द रहेगी और आप तनाव से दूर रहेंगी।
| --------------------------- | --------------------------- |